Hindi Lyrics

अफ़सान लिख रही हूँ (२) दिल-ए-बेक़रार का 
आँखोँ में रंग भर के तेरे इंतज़ार का
अफ़साना लिख रही हूँ
 
जब तू नहीं तो कुछ भी नहीं है बहार में
नहीं है बहार में
जी चाहता है मूँह भी
जी चाहता है मूँह भी न देखूँ बहार का
आँखोँ में रन्ग भर के तेरे इंतज़ार का
अफ़साना लिख रही हूँ
 
हासिल हैं यूँ तो मुझको ज़माने की दौलतें
ज़माने की दौलतें
लेकिन नसीब लाई 
लेकिन नसीब लाई हूँ इक सोग़वार का
आँखोँ में रन्ग भर के तेरे इंतज़ार का
अफ़साना लिख रही हूँ
 
आजा कि अब तो आँख में आँसू भी आ गये
आँसू भी आ गये

Original Afsana Likh Rahi Hun Song Video

Original Song Credits:

SongAfasana Likh Rahi Hun  
MovieDard (1947)
SingerUma Devi
GenreSad Romantic
LanguageHindi + Urdu
StarringSuraiyya, Munawwar Sultana
LyricistShakeel
Music DirectorNaushad
LabelShemaaroo


अगर आपको ये गाना पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें।  
धन्यवाद !

हमारी वेबसाइट पर आपका स्वागत है। हमारी लिरिक्स की वेबसाइट खास आपके लिए ही बनाई गयी है, यहाँ आपको latest, evergreen, filmy और non-filmy हिट गानों के lyrics, videos, informations और गानो से सम्बंधित कुछ FAQs भी Hindi और English Fonts में मिलेंगे। 


Note:- First video is taken from the RATNESH AWASTHI youtube channel. and 2nd Video is from SHEMAROO VINTAGE HD. If any of the copyright owner(s) have any kind of problem with this video please inform us. We will remove your video as soon as possible.