Dilwale Dulhania Le Jayenge movie ka gaana Ghar Aaja Pardesi Tera Desh Bulaye Re (Koyal Kuke Hook Uthaye) with hindi lyrics - Pamela Chopra, Manpreet Kaur ne is gaane ko bahut hi khubsurti se gaaya hai, Jatin-Lalit ne is gaane ko direct kiya hai aur Anand Bakshi ji ne is gaane ke lyrics ko likha hai.


ghar aaja pardeshi song pic
Credit: Saregama Music


Film Title: Dilwale Dulhania Le Jayenge
Track Title: Ghar Aaja Pardesi
Director: Aditya Chopra
Star Cast: Shah Rukh Khan, Kajol, Anupam Kher, Amrish Puri, Farida Jalal, Satish Shah, Achala Sachdev, Mandira Bedi, Karan Johar
Artist: Pamela Chopra, Manpreet Kaur
Music Director: Jatin-Lalit
Lyricist: Anand Bakshi


Ghar Aaja Pardeshi Tera Desh Bulaye Hindi Lyrics





हो कोयल कूके हूक उठाए
यादों की बंदूक चलाए..
कोयल कूके हूक उठाए
यादों की बंदूक चलाए,
बागों में झूलों के मौसम वापस आए रे..
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
बागों में झूलों के मौसम वापस आए रे..
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
घर आजा परदेसी...
तेरा,
देश बुलाए.. रे...

इस गांव की अनपढ़ मिट्टी, पढ़ नहीं सकती तेरी चिट्ठी
ये मिट्टी तू आकर चूमे, तो इस धरती का दिल झूमे..
माना तेरे हैं कुछ सपने, पर हम तो हैं तेरे अपने,
भूलने वाले हमको तेरी याद सताए रे...
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
घर आजा परदेसी...
तेरा,
देश बुलाए.. रे...

पनघट पे आई मुटियारें, छम - छम पायल की झनकारें,
खेतों में लहराई सरसों, कल परसों में बीते बरसों..
आज ही आजा गाता हँसता, तेरा रस्ता देखे रस्ता,
अरे छुक - छुक गाड़ी की सीटी आवाज़ लगाए रे...
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
घर आजा परदेसी... 
तेरा, 
देश बुलाए.. रे...

हाथों में पूजा की थाली, आई रात सुहागों वाली
ओ चाँद को देखूं, हाथ मैं जोड़ूं, करवा चौथ का व्रत मैं तोड़ूं..
तेरे हाथ से पीकर पानी, दासी से बन जाऊँ रानी,
आज की रात जो मांगे कोई वो पा जाए रे...
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..
घर आजा परदेसी... 
तेरा, 
देश बुलाए.. रे...

ओ मन मितरा... 
ओ मन मीता,
वे...
तेनूं रब दे....
हवाले कीता...

दुनिया के दस्तूर हैं कैसे, पागल दिल मजबूर है कैसे,
अब क्या सुनना, अब क्या कहना, तेरे मेरे बीच ये रैना...
खत्म हुई ये आँख मिचौली, कल जाएगी मेरी डोली..
मेरी डोली मेरी अर्थी ना बन जाए रे..
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए 
घर आजा परदेसी तेरा देश बुलाए रे..

कोयल कूके हूक उठाए
यादों की बंदूक चलाए,
बागों में झूलों के मौसम वापस आए रे..
Aa Aa aa aa Aa...

ओ माही वे..
ओ चनवे..
वे जिंदवा..
ओ सजना..