Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa is a Bhakti Maa Ambe Song by Sonu Nigam. The Lyrics of this song is written by Naks Rayalpuri, Ravi Chopra and the music of this song was directed by Amar Haldipur under the T-Series Label.




Bhajan: Sawan Ki Rut Hai 
Album Name: Meri Maa
Singer: Sonu Nigam
Music Director: Amar Haldipur
Lyricist: Naks Rayalpuri, Ravi Chopra
Music On: T-Series


Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa Hindi Lyrics

सावन की रुत है आजा माँ... हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. सावन की रुत है आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. (सावन की रुत है आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे, हो ओ..) कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनायेगा चूड़ी, माथे पे लगाएगा माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी.. (कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनायेगा चूड़ी, माथे पे लगाएगा माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी) कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना, जिन राहो से आएगी माँ तू भक्तो के अंगना, हम पलके वहा विछाएंगे.. सावन की रुत है आजा माँ... हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. ला ला ला आ... माँ अमवा की डाली पे, झूला भक्तो ने सजाया, चन्दन की विछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया... (माँ अमवा की डाली पे, झूला भक्तो ने सजाया, चन्दन की विछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया) अब छोड़ दे आँख मिचौली, आजा ओ मैया भोली, हम तरस रहे है कब से सुनने को तेरी बोली, कब तेरा दर्शन पाएंगे... सावन की रुत है आजा माँ... हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. (सावन की रुत है आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे, फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे, हो ओ..) लाखो हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा, नैनो की प्यास बुझा जा, बस इक झलक दिखला जा.. (लाखो हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा, नैनो की प्यास बुझा जा, बस इक झलक दिखला जा) झूले पे तुझे बिठा के, तुझे दिल का हाल सुना के, फिर मेवे और मिश्री का, तुझे प्रेम से भोग लगा के, तेरे भवन पे छोड़ के आएंगे... सावन की रुत है आजा माँ... हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको.. मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. सावन की रुत है आजा माँ, हम झूला तुझे झुलाएंगे... फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. फूलो से सजायेंगे तुझको, मेहँदी हाथो में लगाएंगे.. ओ ओ ओ ओ...